दिल्ली छोड़ अपने घर के लिए निकले प्रवासी मजदूरों को पुलिस ने बीच में ही रोक लिया। दो बसों में लगभग 55 लोग थे। पुलिस को देख ड्राइवर बस छोड़ फरार हो गए। देर रात सभी मजदूरों को मयूर विहार फेस वन थाने ले जाया गया। जहां उनसे पूछताछ में पता चला वे दिल्ली के अलग-अलग इलाकों में रहते हैं। एजेंट ने बिहार झारखंड तक छोड़ने के एवज में प्रति व्यक्ति किराया 3500 रुपए तय किया था। बाद में पुलिस ने इन सभी लोगों को वहीं पहुंचा दिया, जहां से वे आए थे। इस मामले में बस ड्राइवराें के खिलाफ सरकारी आदेश नहीं मानने के तहत मुकदमा दर्ज किया गया।
पुलिस का कहना है इन सभी लोगों का किराया उन्हें दिलवा दिया है। बीते कुछ दिन से यूपी में वाहनों की एंट्री हो रही थी, जिस वजह से उन्हें लगा कि शायद आराम से निकल जाएंगे। पुलिस ने बताया डीएनएडी से नोएडा लिंक रोड मयूर विहार फेस वन में देर रात करीब दो बसें पुलिस ने रोकी। उनमें बड़ी संख्या में लोग सवार थे। एक ड्राइवर वहीं बस छोड़ भाग गया। जबकि दूसरा ड्राइवर बस थाने के सामने खड़ी करके भागा। इन लोगों के पास कोई पास नहीं था, जिससे वे बार्डर को क्रॉस कर सकें। बस ड्राइवर ने भी मास्क नहीं लगा रखा था।
बाद में मजदूरों से बात करने पर पुलिस को पता चला वे सभी लोग पटेल नगर, कापसहेडा, रोहिणी, सराय काले खां आदि से बसों में सवार हुए थे। इन्हें बिहार और झारखंड जाना था। मोहम्मद बिलाल अख्तर ने बताया कि उन्हें बस एजेंट ने प्रति व्यक्ति किराया 3500 रुपए वसूला था। भाड़ा देने के लिए रुपए भी उन्हाेंने अपने घर से मंगवाए थे, ताकि वापस अपने गांव लौट सके। इधर, बवाना थाना पुलिस ने शुक्रवार देर रात पेेट्रोलिंग के दौरान एक वाहन से 45 मजदूर को निकाला। पुलिस की पूछताछ में इन लोगों ने बताया कि इनको सांस लेने में भी काफी दिक्कत हो रही थी। लेकिन किसी भी सूरत में यह घर जाने के लिए तैयार थे। ऐसे में कंटेनर चालक ने उनसे मोटी रकम लेकर यूपी-बिहार इनके घरों तक छोड़ने का वादा किया था।
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