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Wednesday, December 11, 2019

दूसरे विश्व युद्ध के बाद आज सबसे अहम चुनाव, 96 साल बाद दिसंबर में सत्ता बदलेगी

लंदन.ब्रिटेन में आज आम चुनाव हैं। ब्रेग्जिट की अनिश्चितता के चलते वहां राजनीतिक अस्थिरता इतनी बढ़ी कि 2015 के बाद से यह तीसरा संसदीय चुनाव है। दरअसल, 2016 में जनमत संग्रह के द्वारा 52% मतदाताओं ने यूरोपीय यूनियन (ईयू) से बाहर निकलना तय किया, पर इस पर अमल नहीं हो सका।

इस मुद्दे पर डेविड कैमरन, थेरेसा मे और जॉनसन को पीएम पद छोड़ना पड़ा। वहीं, 1923 के बाद अब दिसंबर में चुनाव हो रहे हैं। तय समय के मुताबिक मई 2022 में चुनाव होने थे। विश्लेषकों का कहना है कि दूसरे विश्व युद्ध के बाद यह ब्रिटेन का सबसे अहम चुनाव है। 20वीं सदी में यूरोप से ब्रिटेन अलग रहा। युद्ध के बाद आई शांति ने ब्रिटेन की अर्थव्यवस्था को मजबूती दी और इसकेसमृद्धिआई। इस चुनाव से तय होगा कि ब्रिटेन का रिश्ता यूरोप के साथ रहेगा या टूटेगा।

मुद्दे: ब्रेग्जिट, आतंकियों को सजा और जलवायु परिवर्तन
ब्रेग्जिट: कंजरवेटिव पार्टी का साफ संदेश है,‘ब्रेग्जिट पूरा करना।’ वहीं लेबर पार्टी इस पर बातचीत और दोबारा जनमत संग्रह चाहती है। लिबरल डेमोक्रेट पार्टी ब्रेग्जिटरद्द करने के पक्ष में।
आतंकियों को सजा: हाल में लंदन ब्रिज हमले से इसकी चर्चा है। पिछली लेबर पार्टी की सरकार ने अपराधी को आधी सजा के बाद रिहा करने का कानून बनाया था। कंजरवेटिवइसे खत्म करेगी।
स्वास्थ्य और पर्यावरण: स्वास्थ्य क्षेत्र में निवेश भी एक अहम मुद्दा है। कार्बन उत्सर्जन को रोकना सभी पार्टियों के एजेंडा में है। इसके लिए अलग फंड रखने की बात भी मतदाताओं से कही जा रही है।

नए पीएम के लिए तीन चेहरों की चर्चा, चौथी दौड़ में नहीं पर महत्वपूर्ण

उम्मीदवार पार्टी वादे
पीएमबोरिस जॉनसन कंजरवेटिव
  • ब्रेग्जिट डील पूरी करना
  • इनकम टैक्स, इंश्योरेंस में योगदान और वैट नहीं बढ़ाएंगे
  • पॉइन्ट आधारित इमिग्रेशन
जेरेमीकॉर्बिन लेबर
  • ब्रेग्जिट पर फिर बातचीत
  • उद्योगों का दोबारा राष्ट्रीयकरण
  • कॉर्पोरेट टैक्स में बढ़ोतरी, अमीरों से 5% ज्यादा टैक्स
जो स्विंसन डेमोक्रेटिक लिबरल
  • ब्रेग्जिट डील रोक देंगे
  • टैक्स में मामूली बढ़ोतरी
  • क्लाइमेट चेंज से निपटने के लिए अलग से फंड रखेंगे
निकोला स्टर्जन स्कॉटिश नेशलिस्ट अहम: प्रधानमंत्री पद की दौड़ में नहीं हैं। पर सरकार बनाने में बहुमत हासिल करने में इनकी पार्टी की अहम भूमिका होगी।

आगे क्या: दोबारा जनमत संग्रह संभव

  • 1).जॉनसन अगर बहुमत हासिल करने में कामयाब हो जाते हैं तो फिर वो अपनी शर्तों पर यूरोपीय संघ से अलग होंगे। इसी के लिए यह चुनाव करवाया गया है।1- जॉनसन अगर बहुमत हासिल करने में कामयाब हो जाते हैं तो फिर वो अपनी शर्तों पर यूरोपीय संघ से अलग होंगे। इसी के लिए यह चुनाव करवाया गया है।
  • 2).अगर कोई दूसरी पार्टी जीतती है या कोई अन्य प्रधानमंत्री बनता है तो मुमकिन है कि वो ब्रिटेन को लोगों के सामने ब्रेग्जिट मसले पर दूसरे जनमतसंग्रह का प्रस्ताव रखे।
  • 3).‘नो डील ब्रेग्ज़िट’ यानी बिना किसी समझौते के ब्रिटेन के ईयू से निकलने के आसार भी हैं पर इसका ब्रिटेन की अर्थव्यवस्था पर नकारात्मक असर होगा।
सत्ता का गणित मैजिक नंबर 326
4.57 करोड़ रजिस्टर्ड वोटर 68% कुल जनसंख्या के
650 संसदीय सीटें हैं देश में 326 बहुमत का आंकड़ा
  • स्कॉटलैंड-आयरलैंड भी यूनाइटेड किंगडम के चुनाव में शामिल होते हैं।
  • नतीजे शुक्रवार को ही आ जाएंगे।

युवा अहम:63 हजार युवा लिस्ट से जुड़े
युवाओं की बढ़ती भागीदारी को यूथक्वैक कहा जा रहा है। चुनाव आयोग ने स्नैपचैट के साथ अभियान चलाकर 63 हजार से ज्यादा युवाओं को वोटिंग के लिए रजिस्टर किया।



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बाएं से- पीएम पद की उम्मीदवार निकोला स्टर्जन, जेरेमी कॉर्बिन, बोरिस जॉनसन, जो स्विंसन।


source https://www.bhaskar.com/international/news/general-elections-in-britain-today-news-and-updates-126264998.html

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