तरुण सिसोदिया.राजधानी दिल्ली में कोरोना से मार्च के महीने में हुईं मौत भी अभी तक सामने नहीं लाई गई हैं। दबाव बढ़ने के बाद इसके काम में तेजी लाई गई है। अगले एक-दो दिन में सरकार इनके बारे में भी खुलासा करेगी। कोरोना से मौत का ऑडिट करने के लिए बनाई गई कमेटी अब इसे तेजी से करने में जुटी है।कोरोना के संबंध में दिल्ली सरकार की ओर से बुधवार को जारी हुई रिपोर्ट में 20 मौत की पुष्टि हुई है। इसमें अकेले राम मनोहर लोहिया अस्पताल में 15 मौत हुई हैं। रिपोर्ट में कहा गया कि यह मौत अप्रैल-मई के महीने में हुई हैं। रिपोर्ट से साफ है कि अप्रैल और मई महीने में हुईं मौत के बारे में देर से जानकारी दी गई। हालांकि सूत्रों का कहना है कि कई मौतें मार्च के महीने में भी हुई थीं, जिन्हें घोषित करना अभी भी बाकी है। सरकार की ओर से कोरोना से हुईं मौत के बारे में सही जानकारी नहीं दिए जाने पर सवाल खड़े हुए तो सरकार ने अस्पतालों को सख्त निर्देश दिए। सभी अस्पतालों को कोरोना मरीज की मौत की जानकारी दस्तावेजों के साथ ऑडिट कमेटी को पांच बजे तक देने के आदेश दिए। आदेश नहीं मानने पर नोडल अधिकारी पर कार्रवाई की बात भी इस आदेश में कही गई। जानकारी नहीं देने का लिखित में कारण बताना होगा। सरकार के इस आदेश के बाद अस्पतालों ने कोरोना डेथ ऑडिट कमेटी को तेजी से उनके यहां हुईं मौतों की डिटेल भेजनी शुरू कर दी। सरकार की ओर से आदेश 10 मई को दिया गया था। अभी आदेश दिए हुए 3 दिन ही बीते हैं। इस दौरान ऑडिट कमेटी के पास डेथ समरी का अंबार लग गया है, जिसे कमेटी जांच रही है। सूत्रों का कहना है कि कुछ अस्पतालों की ओर से उनके यहां मार्च के महीने में हुई मौतों की डेथ समरी भी भेजी हैं।
समस्या: कोरोना डेथ ऑडिट कमेटी के पास लगा डेथ समरी का अंबार

चुनौती: आने वाले दिनों में तेजी से बढ़ेगा कोरोना से मौत का आंकड़ा
कोरोना पेंडेमिक के कारण देश में लॉकडाउन के 50 दिन पूरे हो गए हैं। 50 दिन में मौत का आंकड़ा 100 के पार हो गया है। इसमें शुरुआत 40 दिन या फिर कहें कि दो लॉकडाउन में 64 मौत हुई थीं और तीसरे लॉकडाउन के शुरुआती 10 दिन में 42 मौत हो चुकी हैं। अंतिम दो दिन में मौत का आंकड़ा 33 है। आने वाले दिनों में मौत का आधिकारिक ग्राफ तेजी से बढ़ने की संभावना है क्योंकि अस्पताल उनके यहां कोरोना मरीज की मौत की पूरी जानकारी तेजी से साझा कर रहे हैं। सरकार की कमेटी मरीज की रिपोर्ट देखने के बाद उसे घोषित करेगी। लॉकडाउन की शुरुआत 25 मार्च से हुई थी, जोकि लगातार जारी है। पीएम नरेंद्र मोदी ने चौथे लॉकडाउन के संकेत भी दे दिए हैं। दो लॉकडाउन, जोकि कुल 40 दिन (25 मार्च से 14 अप्रैल और 15 अप्रैल से 3 मई ) के थे। इस दौरान कुल 64 मौत हुईं। पहला लॉकडाउन खत्म होने पर 14 अप्रैल को 21 दिन मौत का आंकड़ा 30 था। इसके बाद 19 दिन के लॉकडाउन के बाद यह आंकड़ा बढ़कर 64 पहुंच गया। 19 दिन में ही 34 मौत हो गईं।
लापरवाही: मौत आंकड़े खुलकर नहीं बता रही दिल्ली सरकार
तीसरा लॉकडाउन 4 मई से जारी, जोकि 17 मई तक चलेगा। तीसरे लॉकडाउन के शुरुआती 10 दिन में ही मौत का आंकड़ा 106 पहुंच गया। इन 10 दिनों में कोरोना से 42 मौत की पुष्टि सरकार ने की। इन 42 में से 33 मौत आखिरी 2 दिन में सरकार ने बताईं। हालांकि सरकार ने यह भी बताया कि यह मौत अप्रैल और मई के महीने में अस्पतालों में हुईं थीं, जिनकी रिपोर्ट अस्पतालों ने भेजी और जिन्हें ऑडिट कमेटी ने देखने के बाद घोषित किया। दिल्ली में कोरोना से पहली मौत 12 मार्च को राम मनोहर लोहिया अस्पताल में 69 साल की महिला की हुई थी। इस दिन कुल 48 डेथ थीं और 11 मई को यह बढ़कर 73 हो गईं। इसके बाद दो दिन में 33 डेथ की पुष्टि सरकार ने की। 12 मई को 13 और 13 मई को 20 डेथ की पुष्टि हुई। इसमें अकेले राम मनोहर लोहिया अस्पताल में ही 15 डेथ की बात सरकार ने स्वीकार की है।
मौत के आंकड़े नहीं बताने पर आरएमएल की एमएस बोलीं-अब तक 75 मौत हुई हैं, लगातार बताए जा रहे हैं आंकड़े
कोरोना से मौत के आंकड़े कम आने पर सरकार की ओर से कहा गया कि अस्पतालों की ओर से जितनी जानकारी दी जा रही है वह बताई जा रही है। इस पर केंद्र सरकार के राम मनोहर लोहिया अस्पताल ने कहा कि अस्पताल में होने वाली मौत की जानकारी लगातार दी जा रही है। अस्पताल में अभी तक कोरोना से 75 मौत हुई हैं। इसमें 6 मौत होने पर अस्पताल पहुंचे थे। अस्पताल की मेडिकल डायरेक्टर डॉ. मीनाक्षी भारद्वाज का कहना है कि कोरोना से होने वाली डेथ की संख्या हम लगातार सरकार को भेज रहे हैं। मगर उसकी समरी भेज पाने में दिक्कत हो रही है। हमारे पास कर्मचारियों की कमी है। इसलिए समरी भेजने में दिक्कत आई। मगर अब समरी भेजने का काम भी तेजी से हो रहा है। हमने सरकार से कहा था कि हमें कोई कर्मचारी दे दो, ताकि मरीज की समरी भेजने का काम तेजी से हो सके लेकिन हमें कोई कर्मचारी सरकार की ओर से नहीं दिया गया।
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