लॉकडाउन 3.0 खत्म होने के बाद 18 मई से लॉकडाउन 4.0 में सबको उम्मीद है कि काफी सारी छूट मिलने के बाद बेशक नई शर्त लगे लेकिन पब्लिक ट्रांसपोर्ट चलाया जा सकता है। ऐसे में दिल्ली मेट्रो रेल कार्पोरेशन और दिल्ली सरकार ने क्लस्टर और डीटीसी बस चलाने के लिए नियम-कायदे के हिसाब से तैयारी शुरू कर दी है। जहां डीएमआरसी ने सोशल डिस्टेंसिंग के लिए एक सीट छोड़कर दूसरी सीट पर बैठना प्रतिबंधित का स्टीकर लगाना शुरू करके अंदरुनी तैयारी शुरू कर दी है। वहीं दिल्ली के परिवहन मंत्री कैलाश गहलोत ने परिवहन विभाग, डीटीसी और क्लस्टर सर्विस ऑपरेशन के अधिकारियों की बैठक करके शुक्रवार 15 मई तक फाइनल प्लान पेश करने का टास्क अधिकारियों को दे दिया है। उस प्लान के बाद कोई फाइनल आदेश जारी किया जाएगा।
डिजिटल पेमेंट को बढ़ावा देने पर जोर, बसों को सेनिटाइज किया जाएगा
सूत्रों ने बताया कि मंगलवार को परिवहन आयुक्त ने 50 दिन के लॉकडाउन के बाद बस ऑपरेशन की छूट मिलने पर तैयारी का आंकलन किया था। बुधवार को परिवहन मंत्री कैलाश गहलोत ने वीडियो कांफ्रेंसिंग से उस तैयारी पर चर्चा की। डिम्ट्स ने एक प्रस्ताव तैयार किया है जिस पर चर्चा हुई। बैठक में ये सामने आया कि डीटीसी और डिम्ट्स क्लस्टर की बसों का प्रोटोकॉल एक जैसा ही होगा। बस का सेनिटाइजेशन पूरे दिन में एक बार कराया जाए या शिफ्ट चेंज होने पर दिन में दो बार कराया जाए, इसे लेकर फाइनल नतीजे तक नहीं पहुंच पाए। हालांकि यह जरूरी है कि पैसे का लेनदेन कम हो इसलिए डिजिटल पेमेंट को बढ़ावा देने के लिए दोनों एजेंसी काम करेगी। डिम्ट्स की बसों में मेट्रो कार्ड पेमेंट की सुविधा है, मशीनें दुरुस्त रखने के लिए कहा गया है।
स्टाफ का टेंपरेचर चेक करना होगा अनिवार्य
दिल्ली सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि उद्योग-धंधे खुल जाएंगे तो ऐसे में पब्लिक ट्रांसपोर्ट तो चलाना ही पड़ेगा। बहुत कुछ केंद्र सरकार से आने वाली गाइडलाइंस पर निर्भर करेगा। अगर बस में स्टैंडिंग की छूट नहीं मिलती है तो सिर्फ 17 यात्री ही सोशल डिस्टेंसिंग के साथ एक बार में यात्रा कर पाएंगे। डिपो में प्रवेश के पहले हर स्टाफ का टेंपरेचर चेक करना अनिवार्य होगा। डीटीसी की बसें चल रही हैं लेकिन बहुत से कंडक्टर-ड्राइवर क्लस्टर और डीटीसी के हरियाणा में रहते हैं, इस दिक्कत का समाधान निकालने को भी कहा गया है।
डीटीसी वालों ने कहा- मेट्रो, ऑटो और टैक्सी चलाए बिना बस शुरू करने में बहुत परेशानी हो सकती है
दिल्ली सरकार के एक अधिकारी ने बताया कि बैठक में मंत्री से यह भी कहा गया कि डीटीसी बस शुरू करने के साथ मेट्रो रेल का परिचालन भी शुरू कराना चाहिए। 40% यात्री मेट्रो में चलते हैं। ओला-उबर टैक्सी को भी शुरू कर देना चाहिए। ऐसा नहीं करने की दशा में बस में सोशल डिस्टेंसिंग या सेनिटाइजेशन से हाथ धुलवाने का काम नहीं हो पाएगा। दिल्ली मेट्रो रेल कार्पोरेशन भी केंद्र व राज्य सरकार से किसी भी दिन हरी झंडी मिलने पर मेट्रो ट्रेन चलाने की दिशा में काम कर रहा है। डीएमआरसी के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर(कम्यूनिकेशन) अनुज दयाल का कहना है कि 264 स्टेशन और 2300 कोच को ऑपरेशन के हिसाब से तैयारी की जा रही है। हालांकि अभी मेट्रो चलाने की कोई तारीख नहीं आई है।
Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
from Dainik Bhaskar https://ift.tt/3cyqd2W
via IFTTT
No comments:
Post a Comment