लाॅकडाउन में 51 दिन तक बंद रही ट्रेनें मंगलवार से आंशिक रूप से चलने लगीं। दिल्ली से शाम 4 बजे 1,177 यात्रियाें काे लेकर बिलासपुर के लिए पहली ट्रेन चली। उसके बाद डिब्रूगढ़ और बेंगलुरू के लिए भी एक-एक ट्रेन चली। दिल्ली से गई तीनाें ट्रेनाें में कुल 3,461 लाेगाें ने बुकिंग करवाई थी। इसके अलावा पांच शहराें पटना, बेंगलुरू, हावड़ा, मुंबई और अहमदाबाद से दिल्ली के लिए एक-एक ट्रेन चली।
ट्रेन छूटने से 10-12 घंटे पहले ही लोग नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पहुंचने लगे थे। इन्हाेंने दिनभर स्टेशन के बाहर 37 डिग्री गर्मी में खड़े होकर इंतजार किया। ट्रैफिक जाम से बचने के लिए कनाॅट प्लेस और पहाड़गंज से स्टेशन के एंट्री पाॅइंट पर ही गाड़ियाें काे राेक दिया गया। सवारियां एक किलाेमीटर पैदल चलकर स्टेशन पहुंचीं।
स्टेशन के बाहर परेशान हाे रहे लाेगाें काे कुछ संगठनों ने खाना, पानी और मास्क बांटे। भीड़ देखते हुए अधिकारियाें ने 1 बजे से ही एंट्री शुरू करवा दी। बाहर कताराें में खड़े लाेग सोशल डिस्टेंसिंग का पालन नहीं कर रहे थे। स्टेशन के अंदर भीड़ से बचने के लिए थोड़े-थोड़े लोगों को एंट्री दी गई। एंट्री से पहले दो जगह थर्मल स्क्रीनिंग की गई। सवारियों के दूर-दूर खड़े होने के लिए प्लेटफाॅर्म तक घेरे भी बनाए गए हैं। सवारियों को सीधा कोच में भेजा गया, ताकि वे प्लेटफाॅर्म पर न घूमें। आरपीएफ के डीजी अरुण कुमार और रेलवे बाेर्ड के चेयरमैन वीके यादव भी यहां माैजूद थे। अरुण कुमार ने कहा कि सभी को आरोग्य सेतु एप डाउनलाेड करने की सलाह दी गई। हर कंपार्टमेंट में 8-8 सवारियों की बुकिंग की गई, इसलिए मिडिल बर्थ में भी सवारियां थीं। हालांकि, पहले श्रमिक स्पेशल में 8 की जगह 6 लोग बैठाए जा रहे थे, लेकिन अब उन ट्रेनों में भी 8-8 लोग ही बैठाए जा रहे हैं।
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