निजामुद्दीन में मरकज के जमात का हिस्सा बने लगभग सात सौ विदेशियों के पासपोर्ट क्राइम ब्रांच ने जब्त किए हैं। इनसे भी मामले को लेकर पुलिस पूछताछ करेगी, जिन्हें बाकायदा नोटिस भेज एक सप्ताह में इनवेस्टिगेशन में शामिल होने के लिए कहा गया है। इन लोगों के खिलाफ लुकआउट सर्कुलर पहले ही जारी हो चुका है, ताकि वे विदेश न जा सकें। इन लोगों के टूरिस्ट वीजा भी पहले ही रद्द किए जा चुके हैं।
30 मार्च तक मरकज से 2346 लोग निकाले गए थे।कई मस्जिदों और घरों में छिपकर रह रहे विदेशी और देशी जमाती भी बाद में पुलिस ने ढूंढ निकाले। जिन लोगाें में कोरोना के लक्ष्ण थे, उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था। जबकि बाकी जमातियों को न्यू फ्रेंड्स कॉलोनी, गुलाबी बाग, पुल प्रह्लादपुर, वजीराबाद स्थित पुलिस ट्रेनिंग स्कूल जैसे कोविड सेंटर में रखा गया। तकरीबन सबका क्वारेंटाइन का वक्त पूरा हो गया। जो लोग भारत के विभिन्न राज्यों से आए उन्हें तो लौटने की प्रशासन से हरी झंडी मिल गई जबकि विदेशियों को पूछताछ में शामिल होने के लिए नोटिस भेजे गए। 700 विदेशी जमाती मरकज में आए थे, जिनसे पूछताछ कर वीजा मिलने की जानकारी ली जाएगी। मौलाना साद से जुड़े तमाम सवाल भी किए जाएंगे। पुलिस ने एक खबर लिखने की वजह से एक अंग्रेजी समाचार पत्र के रिपोर्टर को नोटिस भेज जरूर पूछताछ में शामिल कर लिया। उससे लगभग चार घंटे पूछताछ की गई।
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