एक ट्रक ड्राइवर द्वारा दिल्ली से प्रवासी श्रमिकों को लाकर नूंह के घासेड़ा गांव में छोड़ने का मामला सामने आया है। श्रमिकों की सूचना पाकर जिला प्रशासन तुरंत हरकत में आ गया। नूंह के नायब तहसीलदार अख्तर हुसैन अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। श्रमिकों के खानपान की व्यवस्था करते हुए तावडू स्थित शेल्टर होम में भेज दिया। नायब तहसीलदार ने बताया कि शनिवार को सुबह नौ बजे श्रमिकों के बारे में सूचना मिली। 40 श्रमिक दिल्ली के नरेला से बिहार के समस्तीपुर, सतीमढ़ी, दरभंगा के अलावा तीन मजदूर उत्तर प्रदेश के खुशीनगर को जा रहे थे, लेकिन रास्ते में ट्रक ड्राइवर की श्रमिकों से किराए को लेकर बात बिगड़ गई।
ट्रक ड्राइवर श्रमिकों से पूरे पैसे एडवांस लेना चाह रहा था, लेकिन श्रमिकों ने ड्राइवर को उनके घर छोड़ने पर ही पूरा किराया देने की बात कहीं। किराए के लेनदेन को लेकर ड्राइवर ने दिल्ली से लाकर उन्हें घासेड़ा में छोड़ दिया। उन्होंने बताया कि रेडक्रास द्वारा सभी के स्वास्थ्य की जांच कराई है। सभी श्रमिक पूरी तरह से स्वस्थ है। वहीं श्रमिकों को तावडू के शेल्टर होम में ठहरने के लिए भेज दिया है। उन्होंने कहा कि श्रमिकों ने ट्रक ड्राइवर के खिलाफ ओर कोई शिकायत नहीं दी है।
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