दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) अनधिकृत कॉलोनी में मालिकाना हक देने सर्वेक्षण का काम शुरू करने की तैयारी कर रहा है। यह कार्रवाई कंटेनमेंट जोन छोड़कर शुरू करेगा। इसके लिए सर्वेक्षणकर्ता पहले आवेदकों से संपर्क करेंगे और केवल इच्छुक आवेदकों की संपत्तियों का ही निरीक्षण करेंगे। डीडीए के अधिकारीने बताया कि इसके लिए संबंधित एजेंसियों से अनुमति लेने की कार्रवाई की जा रही है। सर्वेक्षणकर्ता सोशल डिस्टेसिंग के दिशा-निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है।
वहीं, जल्द ही डीडीए मकान मालिक को निजी भूमि पर बने मकान के लिए स्लिप और सरकारी जमीन पर बने मकान के लिए कन्वेंश डीड जारी करने की कार्रवाई भी शुरू करेगा। उन्होंने बताया कि दिल्ली के अलग-अलग इलाके में खोले गए सेंटर में उपलब्ध स्थान और सुविधाओं के अनुसार आगंतुकों की संख्याा निर्धारित की जाएगी ताकि सोशल डिस्टेसिंग के दिशा निर्देशों का सख्ती से पालन किया जा सके। डीडीए आईडी के साथ आवेदन करने वालों की पूरी जांच करता है। इसमें कमी पाई जाती है तो ऑनलाइनडिफिसिएंसी मेमो जारी किया जाता है। इसमें लोगों से कमी को ऑनलाइन ही पूरा करने के लिए कहा जाता है। पूरी तरह आवेदन सही होने पर डीडीए स्लिप/कन्वेयन्स डीड जारी करता है।
आवेदकों से संपर्क कर केवल इच्छुक आवेदकों की संपत्तियों का ही निरीक्षण करेंगे
अब तक 2.57 लाख से ज्यादा लोगों ने करवाया रजिस्ट्रेशन| दिल्ली की 1731 अनधिकृतकॉलोनियों के लोगों को मालिकाना हक देनेके लिए पीएम-उदययोजना के तहत मालिकाना हक देने डीडीए ऑनलाइन सेवा प्रदानकररहा है। इसमें अभी तक 2.57 लाख से अधिक लोगों ने पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन करवा लिया है। वहीं, सर्वेक्षण करने वाले एजेंसियों ने 70 हजार से अधिक संपत्तियों की जीआईएस मैंपिंग कर ली है। 65 हजार निवासी को जीआईएस मैंपिंग की आईडी भी दी जा चुकी है।
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