कोरोना की वजह से दूसरी बीमारियों के मरीजों को इलाज नहीं मिल पा रहा। इसकी वजह से मरीजों की मौत भी होने लगी है। ईस्ट दिल्ली के शाहदरा स्थित कबीर नगर निवासी 40 साल के इरफान अली की शनिवार रात मौत हो गई। अली का इलाज दिल्ली स्टेट कैंसर इंस्टीट्यूट से इलाज चल रहा था। अली की कैंसर से लड़ते-लड़ते शनिवार रात मौत हो गई। अली के भाई अकील ने बताया कि पिछले एक साल से उनके भाई का इलाज दिल्ली स्टेट कैंसर इंस्टीट्यूट में चल रहा था। उनकी वहां कीमोथैरेपी हो रही थी। मगर फरवरी के बाद से उनकी कीमोथैरेपी नहीं हुई।
अस्पताल के कर्मचारियों में कोरोना इंफेक्शन होने की वजह से वह कई दिन से बंद था। 20 अप्रैल के बाद अस्पताल खुला तो कई बार अस्पताल के चक्कर लगाए लेकिन इलाज नहीं मिला। मई के महीने में भी कई चक्कर लगाए लेकिन हर बार वापस भेज देते थे। 12 तारीख को आप नेता दिलीप पांडे के कहने पर हम अस्पताल गए तो दवाई देकर वापस भेज दिया। कीमोथैरेपी नहीं की। अकील ने कहा कि मेरे भाई की मौत सरकार की लापरवाही के कारण हुई है।
सरकार हमें हर्जाना दे और इलाज न करने वालों पर कार्रवाई हो। गरीबों की इलाज में मदद करने वाले एडवोकेट अशोक अग्रवाल ने कहा कि इरफान 12 मई को अस्पताल गया तो उसे जो दवाइयां दी गईं वह कैंसर की न होकर पेट दर्द की थीं। इरफान ने जो पर्चा मुझे भेजा तो मैंने पता करवाया। डॉक्टरों ने कहा कि कैंसर का कोई इलाज नहीं किया, पेट दर्द की दवाई दी है। अस्पताल के मेडिकल डायरेक्टर डॉ. बीएल शेरवाल से जब उनका पक्ष जानने के लिए फोन किया तो उन्होंने फोन नहीं उठाया।
Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
from Dainik Bhaskar https://ift.tt/36aElN6
via IFTTT
No comments:
Post a Comment